Saturday, March 3, 2012

थम-थम कर
हौले-हौले
मंद-मंद सी
बहती बयार

अलसाये दोपहर
चलना ईक पहर
पेड़ों की छाँव
मेरा ये गाँव

खेत धान के
फूलों की कतार
कच्ची मुंडेर
उड़ते बटेर

लीपा आँगन
तुलसी का पौधा
पूजा की थाली
भोर मतवाली

छोटा सा पोखर
गोधुली की बेला
धूलों के बवंडर
दिल में समंदर

आम का बागीचा
लीची के पेड़
सियार की हूँक
बातें दो-टूक

वो मेरा गाँव
मेरी पहचान
दिल में बसी है
ऊसकी छाप

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